कविताएँ | Poetry

“उसका हाथ
अपने हाथ में लेते हुए मैंने सोचा
दुनिया को
हाथ की तरह गर्म और सुंदर होना चाहिए”

— केदारनाथ सिंह
गद्य | Prose
ब्लॉग | Blog
जब भारतेन्दु हरिश्चंद्र ने लिखीं अंग्रेज़ों की प्रशंसा में कविताएँ
भारतेन्दु हरिश्चंद्र हिन्दी आधुनिक काल के प्रथम प्रमुख कवि माने जाते हैं। भारतेन्दु का कार्यकाल लगभग उसी समय का रहा…
हिन्दी हाइकु (Hindi Haiku)
पिछले दिनों रोशनदान ग्रुप द्वारा आयोजित पोएट्री वर्कशॉप में लक्ष्मी शंकर वाजपेयी जी द्वारा हाइकु, माहिया और दोहे जैसे काव्य…
समीक्षा | Reviews
‘अपनी अपनी बीमारी’ – हरिशंकर परसाई की व्यंग्य चिकित्सा
तीन-चार पेजों की बीस-इक्कीस कहानियों में अपने समाज की लगभग सारी बुराईयों को पृष्ठ-दर-पृष्ठ उघाड़ देना हरिशंकर परसाई ही कर…
नव-लेखन | New Writing
नयी किताबें | New books
लेखकों से बातचीत | Authors' Interviews
उद्धरण | Quotes
error: