कविताएँ | Poetry
ग़ज़ल: ‘ज़े-हाल-ए-मिस्कीं मकुन तग़ाफ़ुल’ – अमीर ख़ुसरो
‘ज़े-हाल-ए-मिस्कीं मकुन तग़ाफ़ुल’ – अमीर ख़ुसरो ज़े-हाल-ए-मिस्कीं मकुन तग़ाफ़ुल दुराय नैनाँ बनाए बतियाँ कि ताब-ए-हिज्राँ नदारम ऐ जाँ न लेहू…
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“जानना देखे गए को याद रखना है, देखना बिना याद रखे जानना है।”

— ओरहान पामुक
गद्य | Prose
‘सरस्वती के आविर्भाव के समय हिन्दी की अवस्था’ – अम्बिका प्रसाद वाजपेयी
‘सरस्वती के आविर्भाव के समय हिन्दी की अवस्था’ – अम्बिका प्रसाद वाजपेयी जिन मुसलमान आक्रमणकारियों ने भारत पर आक्रमण कर…
समीक्षा | Reviews
‘पांच एब्सर्ड उपन्यास’ – नरेन्द्र कोहली
‘पांच एब्सर्ड उपन्यास’ – नरेन्द्र कोहली नरेन्द्र कोहली की किताब ‘पाँच एब्सर्ड उपन्यास’ पर आदित्य भूषण मिश्रा की टिप्पणी! मैंने…
ब्लॉग | Blog
नयी किताबें | New Books
नयी किताब: दिव्या माथुर द्वारा सम्पादित ‘इक सफ़र साथ-साथ’
विवरण: प्रवासी साहित्य की जिन विशेषताओं स्मृति, अस्मिता के सवाल, प्रकृति, स्त्री विमर्श, स्त्री-पुरुष सम्बन्ध, पीढ़ियों के संघर्ष व द्वन्द्व, सभ्यतामूलक…
लप्रेक | Laprek

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