अधेड़ उम्र का प्रेम

अधेड़ उम्र की औरतों
का प्रेम
चमगादड़ के बिलों
की तरह
जालों और अंधेरों में
म्लान
पायरिया की गंध लिए
निराश्रय
रोड पर पड़ा
बीमार बूढ़ा कुत्ता
जो सेवा दे चुका
अब यथोचित भर्त्सना
का अधिकारी बन
भौंक रहा
आधी रात को
सिसक-सिसककर
तकियों के गिलाफ़ पर
चिंघाड़ने लगता
रजोनिवृत्ति का प्रेम
इन मर्मभेदिनी को
क्या छोड़ देगा
किसी अपरिचित चौराहे पर?
बुझी हुई सिगरेट
सी इति होगी?
या …झुर्रियों को
स्टेरॉयड से
ढाँक बिखेरती रहेंगी
दो इंच वाली
प्लास्टिक स्माइल
जैसे ही कोई कहेगा
मैडम ‘Say Cheese, Please’