संस्मरण | Memoirs

संस्मरण: ‘वसंत का अग्रदूत’ – अज्ञेय

‘वसंत का अग्रदूत’ – अज्ञेय ‘निराला’ जी को स्मरण करते हुए एकाएक शांतिप्रिय द्विवेदी की याद आ जाए, इसकी पूरी व्यंजना तो वही समझ सकेंगे जिन्होंने इन दोनों महान विभूतियों को प्रत्यक्ष देखा था। यों Read more…

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कहानी | Story

कहानी: ‘पत्नी का पत्र’ – रवीन्द्रनाथ टैगोर

‘पत्नी का पत्र’ – रवीन्द्रनाथ टैगोर श्रीचरणकमलेषु, आज हमारे विवाह को पंद्रह वर्ष हो गए, लेकिन अभी तक मैंने कभी तुमको चिट्ठी न लिखी। सदा तुम्हारे पास ही बनी रही – न जाने कितनी बातें Read more…

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नव-लेखन | New Writing

कविता: ‘झेलम’ – आशीष मनचंदा

प्रेम, भरोसा, समर्पण.. ये सारे शब्द एक ऐसी गुत्थी में उलझे रहते हैं कि किसी एक की डोर खिंचे तो तनाव दूसरों में भी पैदा होता है। बिना प्रेम भरोसा नहीं, बिना भरोसे समर्पण नहीं। Read more…

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व्यंग्य | Satire

‘एक प्रस्तवित स्कूल की नियमावली’ – भारतेंदु हरिश्चंद्र

‘एक प्रस्तवित स्कूल की नियमावली’ – भारतेंदु हरिश्चंद्र (लगभग सवा सौ साल पहले की बात है। इस लेखक ने देखा ‘एक अद्भुत अपूर्व स्वप्न’। स्वप्न में उसने बिचारा कि देह लीला समाप्त हो जाने के Read more…

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कविता | Poetry

नज़्म: ‘गर्ल्स कॉलेज की लारी’ – जाँ निसार अख़्तर

“‘गर्ल्स कॉलेज की लारी’ जाँ निसार अख़्तर की पहली नज़्म है जिसने उन्हें ख्याति की सीढ़ी पर ला खड़ा किया। यह एक वर्णात्मक (Narrative) नज़्म थी और जाँ निसार अख़्तर के कथनानुसार ‘जवानी की एक Read more…

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पुस्तक अंश | Book Excerpt

मौलवीजी, आपाँ चले! (ज़िन्दगीनामा से)

कृष्णा सोबती का ‘ज़िन्दगीनामा’ अविभाजित पंजाब के लोगों का सामाजिक और सांस्कृतिक इतिहास समेटता एक बेहद पठनीय उपन्यास है। इसके लिए कृष्णा सोबती को 1980 में साहित्य अकादेमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। इसी Read more…

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कविता | Poetry

बांके दयाल की कविता ‘पगड़ी सम्भाल जट्टा’

भगत सिंह पर आधारित फिल्मों में अक्सर आने वाला यह गीत ‘पगड़ी सम्भाल जट्टा’ असल में बांके दयाल जी की एक कविता है जो अंग्रेजों के खिलाफ हो रहे एक आन्दोलन के दौरान सुनायी गयी Read more…

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कहानी | Story

मंटो की ‘एक प्रेम कहानी’

‘एक प्रेम कहानी’ – सआदत हसन मंटो मुझसे सम्बंधित आम लोगों को यह शिकायत है कि मैं प्रेम कहानी नहीं लिखता। मेरे अफ़सानों में चूंकि इश्क़ो-मुहब्बत की चाशनी नहीं होती इसलिए वो बिलकुल सपाट होते Read more…

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कविता | Poetry

प्रेम की एक कविता ताल्लुक़ के कई सालों का दस्तावेज़ है

त्याग, समर्पण और यहाँ तक कि अनकंडीशनल लव भी प्रेम में पुरानी बातें हैं। और पुरानी इसलिए क्योंकि जब भी किसी ने इन शब्दों को इनके शाब्दिक अर्थों में ही साधना चाहा, हमेशा प्रेम हारा Read more…

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नयी किताबें | New Books

नयी किताब: उदय प्रकाश कृत ‘मैंगोसिल’

विवरण: उदय प्रकाश की कहानियों का संसार व्यापक है, जहाँ वह नयी सोच के साथ कहानियों की रचना कर नये कीर्तिमान स्थापित करते हैं। इसमें कोई अतिशयोक्ति नहीं कि कहानियाँ समाज को जागरूक करने और कोई Read more…

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नव-लेखन | New Writing

बनारस का कोई मजाकिया ब्राह्मण लगता हूँ – आदर्श भूषण

आज कुछ सत्य कहता हूँ, ईर्ष्या होती है थोड़ी बहुत, थोड़ी नहीं, बहुत। लोग मित्रों के साथ, झुंडों में या युगल, चित्रों से, मुखपत्र सजा रहें हैं.. ऐसा मेरा कोई मित्र नहीं। कुछ महिला मित्रों Read more…

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नव-लेखन | New Writing

‘आजा फटाफट, चिल मारेंगे’ – प्रद्युम्न आर. चौरे

“रात सोने के लिए है।” यह एक जुमला है और यही सच भी क्योंकि मुद्दतों से फ़र्द इस जुमले की ताईद करते आए हैं। यह जुमला या यूँ कहूं कि नियम इंसान ने ही गढ़ा होगा Read more…

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कहानी | Story

कहानी: ‘सौत’ – प्रेमचंद

‘सौत’ – प्रेमचंद 1 जब रजिया के दो-तीन बच्चे होकर मर गये और उम्र ढल चली, तो रामू का प्रेम उससे कुछ कम होने लगा और दूसरे व्याह की धुन सवार हुई। आये दिन रजिया Read more…

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नयी किताबें | New Books

नयी किताब: ‘एक दो तीन’; सम्पादन: पल्लव

विवरण: हिन्दी साहित्य के सागर में से गागर भरते हुए पहली बार ऐसी कहानियाँ एक जिल्द में संकलित हैं जिनके शीर्षक में आया गिनती का अंक न केवल उत्सुकता जगाता है बल्कि हिन्दी कहानी की व्यापकता Read more…

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नव-लेखन | New Writing

कविता जंगलों में गश्त लगाता हुआ चौकीदार है..

जीवन में कविता का उद्देश्य सदियों से ढूँढा जाता रहा है, और कविता में जीवन का अस्तित्व भी। कभी कोई कविता यह कहकर खारिज कर दी गयी कि उसने मानवीय अनुभूतियों को अपने अंदर नहीं Read more…

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कविता | Poetry

बिल्क़ीस ज़फ़िरुल हसन की नज़्म ‘मैं’

‘मैं’ – बिल्क़ीस ज़फ़िरुल हसन कोई गिला तुझसे शिकायत कुछ नहीं है तेरी ही तरह मैंने भी लिखे हैं ऐसे अफ़साने निहायत पाक-तीनत1, बेख़ता मासूम करैक्टर तराशे फिर उनको दर्द, नाकामी, ग़म व हसरत सज़ाएँ और Read more…

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नयी किताबें | New Books

नयी किताब: गौरव सोलंकी कृत ‘ग्यारहवीं ए के लड़के’

विवरण: गौरव सोलंकी नैतिकता के रूढ़ खाँचों में अपनी गाड़ी खींचते-धकेलते लहूलुहान समाज को बहुत अलग ढंग से विचलित करते हैं। और, यह करते हुए उसी समाज में अपने और अपने हमउम्र युवाओं के होने के Read more…

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पुस्तक समीक्षा | Book Reviews

विजय तेंडुलकर का मराठी नाटक ‘गिद्ध’ (गिधाड़े)

‘गिद्ध’ प्रसिद्ध मराठी नाटककार एवं लेखक विजय तेंडुलकर के एक मराठी नाटक ‘गिधाड़े’ का हिन्दी अनुवाद है। अनुवादक हैं वसंतदेव देसाई। विजय तेंडुलकर ने 27 नाटक और 25 एकांकी लिखे जिनमें से ‘शांतता! कोर्ट चालू Read more…

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नव-लेखन | New Writing

कविता: ‘इस बार बसन्त के आते ही’ – पुनीत कुसुम

इस बार बसन्त के आते ही मैं पेड़ बनूँगा एक बूढ़ा और पुरवा के कान में फिर जाकर धीरे से बोलूँगा- “शरद ने देखो इस बारी अच्छे से अपना काम किया जर्जर सूखे जो पत्ते Read more…

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नयी किताबें | New Books

नयी किताब: अलका सरावगी कृत ‘एक सच्ची-झूठी गाथा’

विवरण: इक्कीसवीं सदी की यह गाथा एक स्त्री और एक पुरुष के बीच संवाद और आत्मालाप से बुनी गयी है। यहाँ सिर्फ़ सोच की उलझनें और उनकी टकराहट ही नहीं, आत्मीयता की आहट भी है। Read more…

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नयी किताबें | New Books

नयी किताब: विशाल विजय कृत ‘बार्किंग डॉग & पेइंग गेस्ट’

विवरण: रंगकर्मी विशाल विजय के दो हिन्दी विसंगति नाटक ‘बार्किंग डॉग & पेइंग गेस्ट’। महानगर में एक शान्त बगीचा और उसमें एकान्त खोजता पीटर, लेकिन पीटर कहाँ जानता था कि अपनी तमाम प्रश्नोत्तरी लिए उत्कर्ष Read more…

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नयी किताबें | New Books

नयी किताब: सुधीश पचौरी कृत ‘मिस काउ: ए लव स्टोरी’

विवरण: मिस काउ : ए लव स्टोरी एक हिन्दू कथा है। यह एक छोटी-सी ‘लव स्टोरी’ भी है जो बहुत-सी ‘हेट स्टोरीज़’ के बरअक्स जन्म लेती है। यहाँ कुछ कलिकथा है, कुछ कल्कि अवतार कथा Read more…

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नव-लेखन | New Writing

तसनीफ़ हैदर – मोहब्बत की नज़्में (पहला दौर) – 4

(1) एक शाम सिर्फ़ अँधेरे से सजाई जाये हवाएं दबे पाऊँ आकर स्लाइडिंग की दराज़ों में बैठ जाएँ तुम्हारी पिंडिलयों पर मेरे पैर का अंगूठा लिख रहा हो रात का सियाह गुदाज़ लफ़्ज़ तुम्हारी दाईं Read more…

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नव-लेखन | New Writing

तसनीफ़ हैदर – मोहब्बत की नज़्में (पहला दौर) – 3

(1) तुम मुझसे नाराज़ न होना मैंने अपने दिल पन्नों पर हर्फ़ लिखा है ख़्वाबों वाला इस जंगल से गुज़र रहा है इक आसेब सराबों वाला नींद नगर मीनारों वाले, याद महल मेहराबों वाला सब Read more…

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नव-लेखन | New Writing

तसनीफ़ हैदर – मोहब्बत की नज़्में (पहला दौर) – 2

(1) ये बर्फ़ की तरह ठंडा हाथ अपनी तासीर में बर्फ़ की सफ़ेद परत के नीचे रेंगते आतिशीं अज़दहे की तरह गर्म है इस हाथ को मेरे सीने पर रख कर देखो एक तिलिस्मी ग़ार Read more…

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नव-लेखन | New Writing

तसनीफ़ हैदर – मोहब्बत की नज़्में (पहला दौर) – 1

दुनिया में जब पहली बार किसी ने मोहब्बत की होगी तो उस मोहब्बत का इज़हार शायरी में ना हुआ होगा, यह बात मन को नहीं भाती। बातों ने मिसरों का रूप न लिया होगा, लफ़्ज़ Read more…

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नयी किताबें | New Books

नयी किताब: निलय उपाध्याय कृत ‘पॉपकॉर्न विद परसाई’

विवरण: “दया शंकर पाण्डेय और मैंने तय किया कि रूसो के दर्शन के आधार पर पहले परिवार, फिर समाज और धर्म, राजनीति का मज़ाक़ उड़ायेंगे परसाई जी मगर सारी चीज़े आज की होंगी। एक दिन Read more…

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नयी किताबें | New Books

नयी किताब: दिलीप कुमार की आत्मकथा – वजूद और परछाई

विवरण: 94 वर्षीय दिलीप कुमार की यह आत्मकथा इंग्लिश में द सब्स्टेंस एंड द शैडो: एन ऑटोबायोग्राफी शीर्षक से प्रकाशित हो चुकी है। इसमें इस महान सितारे ने अपने दिल की बातें साझा की हैं। Read more…

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नयी किताबें | New Books

नयी किताब: शशि थरूर कृत ‘अन्धकार काल: भारत में ब्रिटिश साम्राज्य’

विवरण: इस धमाकेदार पुस्तक में लोकप्रिय लेखक शशि थरूर ने प्रामाणिक शोध एवं अपनी चिरपटुता से यह उजागर किया है कि भारत के लिए ब्रिटिश शासन कितना विनाशकरी था। उपनिवेशकों द्वारा भारत के अनेक प्रकार से Read more…

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नयी किताबें | New Books

नयी किताब: मृणाल पाण्डे कृत ‘सहेला रे’

विवरण: भारतीय संगीत का एक दौर रहा है जब संगीत के प्रस्तोता नहीं, साधक हुआ करते थे ! वे अपने लिए गाते थे और सुननेवाले उनके स्वरों को प्रसाद कि तरह ग्रहण करते थे ! Read more…

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नयी किताबें | New Books

नयी किताब: अनुराधा सिंह कृत ‘ईश्वर नहीं नींद चाहिए’

विवरण: अनुराधा सिंह ने अपने पहले ही संग्रह की इन कविताओं के मार्फत हिंदी कविता के समकालीन परिदृश्य में एक सार्थक हस्तक्षेप किया है। दीप्त जीवनानुभव, संश्लिष्ट संवेदना और अभिव्यक्ति की सघनता के स्तर पर Read more…

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उद्धरण | Quotes

कुछ पंक्तियाँ – ‘अपनी अपनी बीमारी’ (हरिशंकर परसाई)

“जो नहीं है, उसे खोज लेना शोधकर्ता का काम है। काम जिस तरह होना चाहिए, उस तरह न होने देना विशेषज्ञ का काम है। जिस बीमारी से आदमी मर रहा है, उससे उसे न मरने Read more…

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नयी किताबें | New Books

नयी किताब: अशोक कुमार पाण्डेय कृत ‘कश्मीरनामा’

  विवरण: ‘‘अशोक कुमार पाण्डेय की ‘कश्मीरनामा’ हिन्दी में कश्मीर के इतिहास पर एक पथप्रदर्शक किताब है। यह किताब घाटी के उस राजनैतिक इतिहास की उनकी स्पष्ट समझ प्रदर्शित करती है जिसने इसे वैसा बनाया, Read more…

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ब्लॉग | Blog

नई दिल्ली बुक फेयर में मिलिए ‘प्लूटो’ से

नई दिल्ली बुक फेयर जारी है। लोग पूरा-पूरा दिन घूमकर किताबें देख रहे हैं, खरीद रहे हैं और दोस्तों को बता भी रहे हैं। जिनके पास समय की कमी है, वे सुझाव भी माँग रहे Read more…

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नयी किताबें | New Books

नयी किताब: गीत चतुर्वेदी कृत ‘टेबल लैम्प’

“ये जो गद्य के टुकड़े हैं, ये दरअसल मेरी यात्राएँ हैं. मेरी स्टडी में एक दीवार पर दुनिया का नक़्शा लगा हुआ है. मैंने ऐतिहासिक शहरों की तस्वीरें जुटा रखी हैं. मैं छह भाषाओं में Read more…

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नयी किताबें | New Books

नयी किताब: एम. एम. चंद्रा कृत ‘प्रोस्तोर’

विवरण: प्रोस्तोर ( विस्तार ) एम. एम. चन्द्रा का दूसरा लघु उपन्यास है। प्रोस्तोर का अर्थ है विस्तार। प्रोस्तोर’ (विस्तार) लघु उपन्यास, 1990 के दशक की एक सच्ची घटना पर आधारित है। इतिहासकारों का मानना Read more…

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नयी किताबें | New Books

नयी किताब: अनीता राकेश कृत ‘अन्तिम सतरें’

विवरण: कथाकार मोहन राकेश के साथ बिताए अपने समय को लेकर अनीता राकेश के संस्मरणों की दो पुस्तकें हिन्दी पाठकों की प्रिय पुस्तकों में पहले से शामिल हैं—’चन्द सतरें और’ तथा ‘सतरें और सतरें’। उसी Read more…

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ब्लॉग | Blog

जब भारतेन्दु हरिश्चंद्र ने लिखीं अंग्रेज़ों की प्रशंसा में कविताएँ

भारतेन्दु हरिश्चंद्र हिन्दी आधुनिक काल के प्रथम प्रमुख कवि माने जाते हैं। भारतेन्दु का कार्यकाल लगभग उसी समय का रहा जब 1857 की क्रांति के बाद भारत में ईस्ट इंडिया कम्पनी का राज ख़त्म हुआ Read more…

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व्यंग्य | Satire

परसाई के हनुमान: प्रथम साम्यवादी या प्रथम स्मगलर?

हरिशंकर परसाई सदियों पुराने मिथकों में अपनी कल्पना जोड़कर उसे आज के समाज की विसंगतियों का रूप दे देने के लिए जाने जाते हैं, चाहे वो कृष्ण-सुदामा मिलन का प्रसंग हो या फिर त्रिशंकु की Read more…

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साक्षात्कार | Interviews

अमृता के इमरोज़ से ‘सात सवाल’

अमृता-इमरोज़ का नाम आते ही या तो प्रेम-तिकोनों के कोण नपने लगते हैं या फिर एक में खुद को भुला चुका कोई दूसरा ‘एक’ याद आने लगता है। दो पर एक की छाया हमेशा रहती Read more…

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कहानी | Story

कहानी: ‘ठाकुर का कुआँ’ – प्रेमचंद

‘ठाकुर का कुआँ’ – प्रेमचंद जोखू ने लोटा मुँह से लगाया तो पानी में सख्त बदबू आयी। गंगी से बोला- “यह कैसा पानी है? मारे बास के पिया नहीं जाता। गला सूखा जा रहा है Read more…

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उद्धरण | Quotes

कुछ पंक्तियाँ – ‘ग़बन’ (प्रेमचंद)

“उत्कंठा की चरम सीमा ही निराशा है।” “रूपये के मामले में पुरूष महिलाओं के सामने कुछ नहीं कह सकता। क्या वह कह सकता है, इस वक्त मेरे पास रूपये नहीं हैं। वह मर जाएगा, पर Read more…

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Library

कहानी: ‘टोबा टेक सिंह’ – सआदत हसन मंटो

‘टोबा टेक सिंह’ – सआदत हसन मंटो बंटवारे के दो-तीन साल बाद पाकिस्तान और हिंदुस्तान की हुकूमतों को ख्याल आया कि अख्लाकी कैदियों की तरह पागलों का भी तबादला होना चाहिए, यानी जो मुसलमान पागल Read more…

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नव-लेखन | New Writing

कविता: मैं समर अवशेष हूँ – पूजा शाह

‘कुरुक्षेत्र’ कविता और ‘अँधा युग’ व् ‘ताम्बे के कीड़े’ जैसे नाटक जिस बात को अलग-अलग शैलियों और शब्दों में दोहराते हैं, वहीं एक दोस्त की यह कविता भी उन लोगों का मुँह ताकती है जो Read more…

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रिपोर्ताज | Reportage

‘अदम्य जीवन’ – रांगेय राघव का रिपोर्ताज

पचास के दशक के आरम्भ में पड़े बंगाल के अकाल के बारे में रांगेय राघव ने यह रिपोर्ताज लिखा था, जो ‘तूफानों के बीच’ रिपोर्ताज संग्रह में प्रकाशित हुआ। बंगाल के अकाल के दौरान जो Read more…

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Uncategorized

दुविधा (मुक्तिबोध की कविता ‘मुझे कदम कदम पर’ से प्रेरित)

कविताएँ अपने पाठकों के भीतर बहुत कुछ जगा देती हैं और उन्हें बहुत जगह भी देती हैं जिसमें कुछ न कुछ चुपचाप बैठा रहता है, जीता रहता है, बढ़ता रहता है और मौका ढूँढता रहता Read more…

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कहानी | Story

कहानी: ‘ईदगाह’ – प्रेमचंद

‘ईदगाह’ – प्रेमचंद 1 रमजान के पूरे तीस रोजों के बाद ईद आयी है। कितना मनोहर, कितना सुहावना प्रभाव है। वृक्षों पर अजीब हरियाली है, खेतों में कुछ अजीब रौनक है, आसमान पर कुछ अजीब Read more…

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कहानी | Story

रानी पद्मावती/पद्मिनी की कहानी (जायसी की ‘पद्मावत’ का व्याख्यान)

संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘पद्मावती’ के कारण फिर से चर्चा में आयी रानी पद्मावती की कहानी, हिन्दी साहित्य के प्रेममार्गी शाखा के कवि मलिक मुहम्मद ‘जायसी’ के महान और चर्चित ग्रन्थ ‘पद्मावत’ में पायी Read more…

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उद्धरण | Quotes

कुछ पंक्तियाँ – ‘चित्रलेखा’ (भगवतीचरण वर्मा)

“हम न पाप करते हैं और न पुण्य करते हैं, हम केवल वह करते हैं जो हमें करना पड़ता है।” “प्रत्येक मनुष्य सुख चाहता है। केवल व्यक्तियों के सुख के केन्द्र भिन्न होते हैं।” “कुछ-कुछ Read more…

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पुस्तक समीक्षा | Book Reviews

The Night Train at Deoli – Ruskin Bond

बहुत अच्छे लेखकों के बारे में यह एक आम धारणा है कि उन्हें उनकी मूल भाषा में ही पढ़ा जाना चाहिए। रस्किन बॉन्ड, जिन्होंने मूलतः अंग्रेजी में लिखा है, उनके बारे में भी यही कहा Read more…

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कविता | Poetry

छायावाद का बह चला ‘झरना’

कोई भी बहुत लम्बे समय तक केवल मनोरंजन के लिए कविताएँ नहीं सुन सकता। चाहे कविताओं के विषय हों या कवि की कथन-शैली, एक पाठक कहीं न कहीं खुद को उन कविताओं में ढूँढने लगता Read more…

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कहानी | Story

फणीश्वरनाथ रेणु की कहानी ‘पंचलाइट’ (पंचलैट)

अपने उपन्यासों और कहानियों में लोकजीवन को एक कविता के जैसे पेश करने वाले फणीश्वरनाथ रेणु के कहानी संग्रह ‘ठुमरी’ की यह कहानी बड़ी मजेदार है। एक गाँव में विभिन्न जातियों की विभिन्न टोलियाँ हैं। Read more…

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नव-लेखन | New Writing

कविता: ‘पथिक’ – आदर्श भूषण

चलते चलते रुक जाओगे किसी दिन, पथिक हो तुम, थकना तुम्हारे न धर्म में है; ना ही कर्म में, उस दिन तिमिर जो अस्तित्व को, अपनी परिमिति में घेरने लगेगा, छटपटाने लगोगे, खोजना चाहोगे, लेकिन Read more…

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कहानी | Story

कहानी: ‘पूस की रात’ – प्रेमचंद

‘पूस की रात’ – प्रेमचंद 1 हल्कू ने आकर स्त्री से कहा- सहना आया है, लाओ, जो रुपये रखे हैं, उसे दे दूँ, किसी तरह गला तो छूटे। मुन्नी झाड़ू लगा रही थी। पीछे फिरकर Read more…

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