लेख । Articles

‘सरस्वती के आविर्भाव के समय हिन्दी की अवस्था’ – अम्बिका प्रसाद वाजपेयी

‘सरस्वती के आविर्भाव के समय हिन्दी की अवस्था’ – अम्बिका प्रसाद वाजपेयी जिन मुसलमान आक्रमणकारियों ने भारत पर आक्रमण कर उसका शासन अनेक वर्षों तक किया था, वे न अरब थे और न ईरानी, वे Read more…

By Posham Pa, ago
लेख । Articles

काजी नजरुल इस्लाम – संजय कृष्ण

काजी नजरुल इस्लाम – संजय कृष्ण चुरुलिया गांव का तालाब वैसे ही था, जैसे काजी नजरूल इस्लाम के समय में था। सौ सालों में कोई तब्दीली नहीं। जैसे तालाब में समय ठहर गया हो। यह Read more…

By Posham Pa, ago
लेख । Articles

‘अद्भुत मक्खियाँ’ – महावीर प्रसाद द्विवेदी

‘अद्भुत मक्खियाँ’ – महावीर प्रसाद द्विवेदी ईश्वर की सृष्टि में अनेक जीव-जंतु ऐसे हैं जिनकी विचित्रता का वृत्तांत सुनकर आश्चर्य चकित होना पड़ता है। अभी, कुछ ही समय पूर्व, जॉन जे वार्ड (John J. Ward) Read more…

By Posham Pa, ago
लेख । Articles

‘मैं कहानीकार नहीं, जेबकतरा हूँ!’ – सआदत हसन मंटो

‘मैं कहानीकार नहीं, जेबकतरा हूँ’ – सआदत हसन मंटो मेरी जिंदगी में तीन बड़ी घटनाएँ घटी हैं। पहली मेरे जन्म की। दूसरी मेरी शादी की और तीसरी मेरे कहानीकार बन जाने की। लेखक के तौर Read more…

By Posham Pa, ago
लेख । Articles

‘सुन्दरता और त्वचा का रंग’ – राममनोहर लोहिया

‘सुन्दरता और त्वचा का रंग’ – राममनोहर लोहिया सौंदर्य की परख की यह विकृति राजनैतिक प्रभाव के कारण आई है। गोरी चमड़ी के यूरोपियन लोग सारी दुनिया पर तीन सदियों से हावी रहे हैं। अधिकांश Read more…

By Posham Pa, ago
लेख । Articles

‘बलराज साहनी का असंतोष’ – जयप्रकाश चौकसे

‘बलराज साहनी का असंतोष’ – जयप्रकाश चौकसे भारतीय सिनेमा का शताब्दी वर्ष अभिनेता बलराज साहनी का भी जन्म शताब्दी वर्ष है। उनका जन्म 1 मई 1913 को हुआ था। बलराज साहनी वामपंथी विचारधारा के व्यक्ति Read more…

By Posham Pa, ago
लेख । Articles

दादा साहब फाल्के – भारतीय सिनेमा के पितामह

धुंडीराज गोविन्द फाल्के यानि दादा साहेब फाल्के को भारतीय फिल्मों का जनक माना जाता है। जब अमेरिका में डी. डब्ल्यू. ग्रिफिथ अपनी पहली फिल्म ‘द बर्थ ऑफ़ अ नेशन’ बना रहे थे, उसके पूरी होने Read more…

By Posham Pa, ago
लेख । Articles

बाईस गज में सिमटे चौबीस वर्ष – जयप्रकाश चौकसे

बाईस गज में सिमटे चौबीस वर्ष – जयप्रकाश चौकसे चार्ली चैपलिन को बरसात बहुत पसंद थी क्योंकि उसमें आंसू लोगों को नहीं दिखाई देते। हॉलीवुड की ‘गुडबॉय अगेन’ में नायिका इन्ग्रिड बर्गमैन अपने प्रेमी से Read more…

By Posham Pa, ago
लेख । Articles

‘अथातो घुम्मकड़ जिज्ञासा’ – राहुल सांकृत्यायन

‘अथातो घुम्मकड़ जिज्ञासा’ – राहुल सांकृत्यायन संस्कृत से ग्रंथ को शुरू करने के लिए पाठकों को रोष नहीं होना चाहिए। आखिर हम शास्‍त्र लिखने जा रहे हैं, फिर शास्‍त्र की परिपाटी को तो मानना ही Read more…

By Posham Pa, ago
लेख । Articles

‘मैं क्यों लिखता हूँ’ – सआदत हसन मंटो

‘मैं क्यों लिखता हूँ’ – सआदत हसन मंटो मैं क्यों लिखता हूँ? यह एक ऐसा सवाल है कि मैं क्यों खाता हूँ.. मैं क्यों पीता हूँ.. लेकिन इस दृष्टि से मुख़तलिफ है कि खाने और Read more…

By Posham Pa, ago
लेख । Articles

‘मैं नास्तिक क्यों हूँ’ – भगत सिंह

‘मैं नास्तिक क्यों हूँ’ – भगत सिंह एक नया प्रश्न उठ खड़ा हुआ है। क्या मैं किसी अहंकार के कारण सर्वशक्तिमान, सर्वव्यापी तथा सर्वज्ञानी ईश्वर के अस्तित्व पर विश्वास नहीं करता हूँ? मेरे कुछ दोस्त Read more…

By Posham Pa, ago

Copyright © 2018 पोषम पा — All rights reserved.




Subscribe to Blog via Email

Enter your email address to subscribe to this blog and receive notifications of new posts by email.


error: