लघुकथाएँ | Short Stories

लघुकथा: ‘प्रेम’ – इवान तुर्गनेव

‘प्रेम’ – इवान तुर्गनेव शिकार से लौटते हुए मैं बगीचे के मध्य बने रास्ते पर चला जा रहा था, मेरा कुत्ता मुझसे आगे-आगे दौड़ा जा रहा था। अचानक उसने चौंककर अपने डग छोटे कर दिए Read more…

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लघुकथा: ‘कविता’ – खलील जिब्रान

‘कविता’ – खलील जिब्रान अनुवाद: बलराम अग्रवाल एक कवि से मैंने एक बार कहा, “तुम्हारी मौत से पहले हम तुम्हारे शब्दों का मूल्य नहीं जान पाएँगे।” उसने कहा, “ठीक कहते हो। रहस्यों पर से परदा Read more…

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विजय ‘गुंजन’ की लघु कथाएँ

विजय ‘गुंजन’ की लघु कथाएँ डॉ विजय श्रीवास्तव लवली प्रोफेशनल यूनिवसिर्टी में अर्थशास्त्र विभाग में सहायक आचार्य है। आप गांधीवादी विचारों में शोध की गहन रूचि रखते हैं और कई मंचों पर गांधीवादी विचारों पर Read more…

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लघुकथा: ‘शेर की गुफा में न्याय’ – शरद जोशी

‘शेर की गुफा में न्याय’ – शरद जोशी जंगल में शेर के उत्पात बहुत बढ़ गए थे। जीवन असुरक्षित था और बेहिसाब मौतें हो रही थीं। शेर कहीं भी, किसी पर हमला कर देता था। Read more…

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लघुकथा: ‘रसोई-घर और पाखाना’ – हरिशंकर परसाई

लघुकथा: ‘रसोई-घर और पाखाना’ – हरिशंकर परसाई गरीब लड़का है। किसी तरह हाई स्‍कूल परीक्षा पास करके कॉलेज में पढ़ना चाहता है। माता-पिता नहीं हैं। ब्राह्मण है। शहर में उसी के सजातीय सज्‍जन के यहाँ Read more…

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