‘चाँद’ – यादराम ‘रसेंद्र’

मम्मी से यों रोकर बोली
मेरी जीजी नंदा
जाऊँगी स्कूल तभी, जब
दिखला दोगी चंदा!
मम्मी बोली- चुप रह बिटिया
कहना मेरा मान,
पापा जी का हैट हटाकर
उधर देख आ चाँद।

■■■