कितने दिनों बाद
आज फूलों को रंग मिलें हैं,
तितली को नए रास्ते,
नदियों को उनकी चमक,
बादलों को उनकी उड़ान
आसमान को चित्र
पंछियों को तिनके,
कितने दिनों बाद..
हवा आज न तेज़ है, न मन्द
छत के दरवाजे खोले गए हैं
टहलना हुआ है,
ऊँघना भी,
पुराने गाने सुने जा रहे हैं…
कितने दिनों बाद
आज फुरसत मिली है
कितने दिनों बाद
आज धूप खिली है..!