‘दिल बहलाव’ – बालकृष्ण भट्ट

एक स्‍कूल मास्‍टर हाथ में बेंत लिए हुए लड़कों को पढ़ा रहे थे.. बेंत सीधा कर बोले- “हमारे बेंत के कोने के रूबरू एक गधा बैठा है।”

वह लड़का जो बेंत के रूबरू बैठा हुआ था, बड़ा ढीठ था.. फौरन कह उठा – “मास्‍टर साहब बेंत के दो कोने होते हैं, आप किस कोने का जिकर करते हैं।”

मास्‍टर बेचारे शर्मिंदा हो चुप हो गए।

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