प्यार मत करना

'प्यार मत करना' - कुशाग्र अद्वैत जिस शहर में पुश्तैनी मकान हो बाप की दुकान हो गुज़रा हो बचपन हुए…

नीम का पेड़

'नीम का पेड़' - गीतांजलि मेरे मिट्टी के घर के पीछे था वो पेड़ बरसों से नीम का पेड़ जिस…

धुआँ

'धुआँ' - विजय गुँजन कारखानों के धुएँ का रंग, काला होता है क्योंकि, उसमें लगा है खून, किसी मरी हुई…

शायरा

'शायरा' - वर्षा गोरछिया मेरे होने की वारदात को पेज थ्री की रंगीन सुर्खियों की तरह पढ़ा जाता है मेरी…

‘बकरसुरी’: लुइस कैरल की कविता ‘जैबरवॉकी’, हिन्दी में!

कविता: 'बकरसुरी' (अनुवाद: अर्जिता मितल व शैलेन्द्र पालीवाल) 'जैबरवॉकी' लुइस कैरल द्वारा लिखी गयी एक 'नॉनसेंस' अंग्रेजी कविता है, जिसमें 'जैबरवॉक'…

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