रोटी

'रोटी' - आकांक्षा गौड़ रोज़ सवेरे ऑफिस जाते वक़्त ट्रैफिक की लाल बत्ती पर गाड़ी रुकती थी रोज़ देखती थी…

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विजय गुँजन के हाइकु

विजय गुँजन के हाइकु डॉ विजय श्रीवास्तव लवली प्रोफेशनल यूनिवसिर्टी में अर्थशास्त्र विभाग में सहायक आचार्य है। आप गांधीवादी विचारों…

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सिंड्रेला

'सिंड्रेला' - गौरी चुघ सुनो लड़की! इस बार कोयले की राख को पेशानी पर रगड़ लेना हालात की सौतेली बहनों…

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ज्योति शोभा की कविताएँ

ज्योति शोभा की कविताएँ सजग पाठिका एवम सदैव साहित्य सृजन में उन्मुख ज्योति शोभा अंग्रेजी साहित्य में स्नातक हैं। 'बिखरे किस्से'…

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अब माँ शांत है!

'अब माँ शांत है!' - शिवा मुझे लोगों पर बहुत प्यार आया ज़रा संकोच न हुआ मैंने प्यार बरसा दिया…

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