हताशा

आज की ताजा ख़बर… से
नींद उचट गयी
देहरी पर से अख़बार उठाकर
चाय की ख़ुशबू के साथ
आँखों में चश्मा चढ़ाकर बैठ गया
अख़बार का पहला पेज
सरकार का विज्ञापन
‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’
चेहरे पर ख़ुशी घिर आयी
सचमुच चाय मीठी लगी।

दूसरा पेज, दहेज के लिए बहू को मार डाला
तीसरा पेज, नाबालिक के साथ बलात्कर
चौथा पेज, नवजात का शव गटर से बरामद
पाँचवाँ पेज, नाले के पास से मिली बालिका की लाश,
नहीं मिले लाश में आँख, लीवर और …
सम्पदकीय पर सरकारी मंत्री का आलेख
सरकार केवल योजनाओं को लाती है
बेटी समाज के लोगों को बचानी होगी।
पेज-दर-पेज आँखों के आँसुओं से चश्मा धुँधला होता गया

इन ख़बरों के बाद
न चश्मा से धुँधलापन छटा
दो चम्मच शक्कर मिलाने पर चाय मीठी हुई।

©अशोक सिंह ‘अश्क़’
काशी हिंदू विश्वविद्यालय
वाराणसी