जाना

जब उसे कोई अफ़सोस नहीं
जाने के बाद
तो मेरा दुःखी होना
नितान्त ग़लत है

धोड़ी-दुपहरी में तुम्हारा जाना
ठीक ऐसा ही है
जैसा हरसिंगार का फूलों से अचानक खाली हो जाना
एकदम से दुनिया का सूना हो जाना

सबकुछ अकारण और आश्चर्यजनक

तुम्हारे जाने के बाद लगता है
रूठना और मनाना भले ही स्वाभाविक न हो
रोना महान प्रतिक्रिया है

लौटकर वापस आना
चाहे मुश्किल हो, ना हो
‘जाना’ सबसे आसान क्रिया है