जीवन में कविता

जिस तरह आती हैंं
हमारे घर मौसियाँ
बार-त्यौहार पर, सोग पर
बाल-मनुहार पर
और कभी-कभी तो
अकस्मात् आकर चौंका देती हैं।
ठीक इसी तरह
आती है हमारे जीवन में कविता
और इस चौंका देने वाली ख़ुशी का कोई सानी नहीं है।