मृत्यु प्रेम

प्रेम पीड़ा है
या पीड़ा प्रेम है?
पीड़ा का अभिप्राय विछोह या प्रतीक्षा?
अचिर विछोह या चिर प्रतीक्षा
क्या प्रतीक्षा प्रेम है?
प्रतीक्षा उस आभासी रेखा पर मिलन की…
दो श्वासों का एक ही ध्वनि
में परिवर्तित हो जाना
क्या उस मिलन की प्रतीक्षा प्रेम है?
दैहिक प्रेम तो तुच्छ हुआ
जिस तरह जन्मेगा, उसकी मृत्यु भी निश्चित होगी
क्या प्रेम अलौकिक है?
प्रत्येक अणु का
सर्वत्र व्याप्त आत्मा में
विलीन हो जाना
आत्मा से परमात्मा का मिलन प्रेम है?
गर यह प्रेम की परिभाषा है
क्या प्रेमी ही इष्ट है?
या इष्ट प्रेमी है?
यह शरीर ही अवरोधक हुआ मिलन का
क्या मृत्यु प्रेम है?
हाँ ….मृत्यु सत्य है
प्रेम भी सत्य है
अर्थात प्रेम मृत्यु है?