अनुराग तिवारी कृत ‘अभी जिया नहीं’

nayi kitaab - abhi jiya nahin - anurag tiwari

विवरण: अनुराग तिवारी में कठिन प्रेत की साधना का संयम है, जोकि उड़ती हुई कविता के पंख में बँधी किसी पंक्ति-सा अपने निशान छोड़ता चलता है। उनके यहाँ सादगी एक त्वचा का नाम है, जो देह के भीतर की सारी जटिलताओं को आवृत्त किये रखती है। ये कविताएँ तीव्र आवेग, भाव-विविधता और अनुभूतियों की बहुलता को दुलारती हैं। प्रेम पर लिखी गई कविताएँ, दो प्रेमियों के बीच की अनुभूतियाँ बने रहने से आगे बढऩे का साहस रखती हैं, उनका नैतिक संकल्प देखते बनता है, गहरे आशयों में वे दया, करुणा, क्षमा व शांति का स्वप्न देखती हैं। अपने विशुद्ध रूप में प्रेम, इन सभी शब्दों का पर्यायवाची कहला सकता है और कई कविताएँ ऐसी हैं, जहाँ कवि ने इन शब्दों की जगह मात्र प्रेम शब्द को जि़म्मेदारी सौंपी है। ज़ाहिर है, प्रेम पर सबसे अधिक भरोसा एक कवि ही कर सकता है।

– गीत चतुर्वेदी

  • Paperback: 124 pages
  • Publisher: Bodhi Prakashan; 1 edition (2018)
  • Language: Hindi
  • ASIN: B07DGSWCPD

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