nayi kitaab - bhor ke andhere mein - sheoraj singh bechain

विवरण: व्यवस्था के ख़ौफ़नाक मंज़र को चीरता कवि श्यौराज सिंह बेचैन का पाँचवाँ कविता संग्रह ‘भोर के अँधेरे में’ आपके हाथों में है। समाज सरोकार से सराबोर ये कविताएँ दलित दर्द का ज़िन्दा इतिहास हैं। मानो इनके काव्य इतिहास ने यह मुनादी कर दी हो कि दलित इस देश के सेवक ही नहीं बल्कि नैसर्गिक स्वामी भी हैं। ये कविताएँ स्थितियों से पलायन नहीं करतीं बल्कि मुठभेड़ करती हैं।

  • Format: Paperback
  • Publisher: Vani Prakashan (2018)
  • ISBN-10: 9387889289
  • ISBN-13: 978-9387889286
  • ASIN: 9387648907

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