कुसुम अंसल कृत ‘मेरी दृष्टि तो मेरी है’

nayi kitaab - meri drishti to meri hai - kusum ansal

विवरण: कथाकार कुसुम अंसल की अधिकतर कहानियाँ उच्चवर्गीय स्त्री की वेदना को व्यक्त करती हैं । इसके पूर्व हिंदी कथा-साहित्य में मध्यवर्गीय मानसिकता ही कथा के केन्द्र में रही हैं । उन्होंने उच्चवर्गीय स्त्री के-जो चेहरे चमकते, दमकते नजर आते हैं, लोग कहते हैं इन्हें क्या दुःख होगा, उनके तनाव, संघर्ष और निरतंर अकेले होते जाने की पीड़ा को पाठकों के साथ किया हैं । यहाँ संवेदनशील कथाकार वैभव के बीच रहकर भी अपने भीतर एक सांस्कृतिक अलगाव लगातार महसूस करती हैं । उच्च वर्ग में आने के लिए स्त्री किया-किया समझौते कर रही है जबकि उसमें प्रतिभा भी है-यह सब उनकी कहानियों में मिलता है । उनकी कहानियों में जीवन का वैविध्य और विस्तार और दर्शन की बृहत्त्रयी है । कुसुम अंसल की कहानियाँ बाहर से भीतर की ओर चलती हैं और उसकी परतों को व्यक्त करती हैं । यह एक तरह से भीतर की भाषा है- एक अदभुत सौन्दर्यत्मकतासे आपूरित । वे अपनी कहानियों में सारी अनकही बातें कहती हैं..

  • Format: Hardcover
  • Publisher: Vani Prakashan (2018)
  • ISBN-10: 9387889734
  • ISBN-13: 978-9387889736

इस किताब को खरीदने के लिए ‘मेरी दृष्टि तो मेरी है’ पर या नीचे दी गयी इमेज पर क्लिक करें!

nayi kitaab - meri drishti to meri hai - kusum ansal

Random Posts:

Recent Posts

रुत

रुत

दिल का सामान उठाओ जान को नीलाम करो और चलो दर्द का चाँद सर-ए-शाम निकल आएगा क्या मुदावा है चलो…

Read more
आदत

आदत

कविता संग्रह 'लौटा है विजेता' से मरदों ने घर को लौटने का पर्याय बना लिया और लौटने को मर जाने…

Read more
नतीजा

नतीजा

पुरबी दी के सामने उद्विग्‍न भाव से रूमा ने 'होम' की बच्चियों की छमाही परीक्षा के कार्ड सरका दिए। नतीजे…

Read more

Featured Posts

मैं पाँचवे का दोषी हूँ

मैं पाँचवे का दोषी हूँ

'मैं पाँचवे का दोषी हूँ' - विशेष चन्द्र 'नमन' शाम के लिए पिघली है धूप लौटा है सूरज किसी गह्वर…

Read more
सा रे गा मा ‘पा’किस्तान

सा रे गा मा ‘पा’किस्तान

सा रे गा मा 'पा'किस्तान - शिवा सामवेद से जन्मे सुरों को लौटा दो हिन्दुस्तान को और कह दो पाकिस्तान से…

Read more
प्यार मत करना

प्यार मत करना

'प्यार मत करना' - कुशाग्र अद्वैत जिस शहर में पुश्तैनी मकान हो बाप की दुकान हो गुज़रा हो बचपन हुए…

Read more

Leave a Reply

Close Menu
error: