table lamp

“ये जो गद्य के टुकड़े हैं, ये दरअसल मेरी यात्राएँ हैं. मेरी स्टडी में एक दीवार पर दुनिया का नक़्शा लगा हुआ है. मैंने ऐतिहासिक शहरों की तस्वीरें जुटा रखी हैं. मैं छह भाषाओं में किताबें पढ़ता हूँ. पाँच के पहाड़े की तरह मुझे ख़ूबसूरत औरतों का चेहरा याद है. मैंने फिल्मों के व्याकरण में सपने देखे हैं और पश्चिमी शास्त्रीय संगीत सुनते हुए, कई रातें उस युग में पहुँच जाने की कोशिश में बिताई हैं, जहाँ संस्कृत और पालि जैसी भाषाएँ आम बोलचाल में इस्तेमाल की जाती थीं. मैं इन सारी बातों को देखता-सोचता-याद करता हूँ, और इस तरह रहता हूँ, मानो हर समय एक यात्रा में रहता होऊँ. गद्य कहलाने वाले ये सारे टुकड़े इसी तरह का देखना-सोचना-याद करना हैं, यही यात्रा है.

पेरू देश के कवि लुईस अर्नान्दीस की एक काव्य-पंक्ति है- “मैंने यात्राएँ नहीं कीं, मैं बस उँगलियों से नक़्शे को छूता रहा.” मेरी यात्रा, अ-यात्रा को मेरा वह परदेसी पुरखा ऐसे बता गया है.”

  • Hardcover: 368 pages
  • Publisher: Rajkamal Prakashan | Raza Foundation (1 January 2018)
  • Language: Hindi
  • ISBN-10: 8126730889
  • ISBN-13: 978-8126730889

इस किताब को खरीदने के लिए ‘टेबल लैम्प’ पर या नीचे दी गयी इमेज पर क्लिक करें!

table lamp


Posham Pa

भाषाओं को भावनाओं को आपस में खेलना पोषम-पा चाहिए खेलती हैं चिड़िया-उड़..।

Leave a Reply

Related Posts

नयी किताबें | New Books

नयी किताब: सुकृता कृत ‘समय की कसक’

विवरण: “सुकृता की कविताओं में संवेदना का घनत्व हमेशा आकर्षित करता है। देश-देशान्तर में घूमते हुए कई चीज़ें उनका ध्यान खींच लेती हैं। चाहे वह पगोडा के मन्दिर हों, हनोई के मिथक, एलोरा की गुफ़ाएँ या Read more…

नयी किताबें | New Books

नयी किताब: डॉ. बीना श्रीवास्तव कृत ‘सतरंगी यादें: यात्रा में यात्रा’

विवरण: एक तरह का उद्वेलन। बिना कहे रह न पाने की मजबूरी। जैसा कि अक्सर यात्राओं में होता है। राह में कहीं फूल मिले तो कहीं काँटे। कहीं चट्टानें अवरोधक बनीं तो कहीं शीतल बयार ने Read more…

नयी किताबें | New Books

नयी किताब: शशिभूषण द्विवेदी कृत ‘कहीं कुछ नहीं’

विवरण: खामोशी और कोलाहल के बीच की किसी जगह पर वह कहीं खड़ा है। और इस खेल का मजा ले रहा है। क्या सचमुच खामोशी और कोलाहल के बीच कोई स्पेस था, जहां वह खड़ा था।’उपर्युक्त Read more…

error:
%d bloggers like this: