सुशोभित कृत ‘मलयगिरि का प्रेत’

विवरण: 

सुशोभित की कविताएँ एक आदिम भित्तिचित्र, एक शास्त्रीय कलाकृति और एक असम्भव सिम्फ़नी की मिश्रित आकांक्षा हैं। ये असम्भव काग़ज़ो पर लिखी जाती होंगी-जैसे बारिश की बूँद पर शब्द लिख देने की कामना या बिना तारों वाले तानपूरे से आवाज़ पा लेने की उम्मीद। ‘जो कुछ है’ के भीतर रियाज़ करने की ग़ाफ़िल उम्मीदों के मुखालिफ़ ये अपने लिए ‘जो नहीं हैं’ की प्राप्ति को प्रस्थावन करती हैं। पुरानियत इनका सिंगार है और नव्यता अभीष्ट। दो विरोधी तत्त्व मिलकर बहुधा रचनात्मक आगत का शगुन बनाते हैं।

–गीत चतुर्वेदी

  • Format: Paperback
  • Publisher: Vani Prakashan (2018)
  • ISBN-10: 9388434145
  • ISBN-13: 978-9388434140