पिन बहुत सारे

‘पिन बहुत सारे’ – कुँअर बेचैन

जिंदगी का अर्थ
मरना हो गया है
और जीने के लिये हैं
दिन बहुत सारे।

इस
समय की मेज़ पर
रक्खी हुई
जिंदगी है ‘पिन-कुशन’ जैसी
दोस्ती का अर्थ
चुभना हो गया है
और चुभने के लिए हैं
पिन बहुत सारे।

निम्न-मध्यमवर्ग के
परिवार की
अल्पमासिक आय-सी
है जिंदगी
वेतनों का अर्थ
चुकना हो गया है
और चुकने के लिए हैं
ऋण बहुत सारे।

■■■

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This Post Has One Comment

  1. Waah …bhoot umda …

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