रुत

दिल का सामान उठाओ जान को नीलाम करो और चलो दर्द का चाँद सर-ए-शाम निकल आएगा क्या मुदावा है चलो…

यतीम औलादें

मैं कुछ यतीम बच्चों को जानती हूँ जिनके वालिदैन ज़िंदा हैं, उनके साथ रहते हैं पर वो शजर नहीं बन…

प्यास

दूर से चल के आया था मैं नंगे पाँव नंगे सर सर में गर्द ज़बाँ में काँटे पाँव में छाले…

नन्ही पुजारन

'नन्ही पुजारन' - मजाज़ लखनवी इक नन्ही मुन्नी सी पुजारन पतली बाँहें पतली गर्दन भोर भए मंदिर आई है आई…

काला सूरज

'काला सूरज' - अख़्तर राही कितने रौशन आफ़्ताबों को निगल कर काला सूरज रौशनी के शहर में दाख़िल हुआ सारी काली…

एक थी औरत

'एक थी औरत' - मीराजी ये जी चाहता है कि तुम एक नन्ही सी लड़की हो और हम तुम्हें गोद…

देवदास

'देवदास' - अंजुम आज़मी ज़िंदगी इश्क़ की वहशत-भरा अफ़्साना थी मेरे हाथों में वो इक ज़हर का पैमाना थी रूह…

कराची की बस

'कराची की बस' - दिलावर फ़िगार बस में लटक रहा था कोई हार की तरह कोई पड़ा था साया-ए-दीवार की तरह…

नया शिवाला

'नया शिवाला' - अल्लामा इक़बाल सच कह दूँ ऐ बरहमन गर तू बुरा न माने तेरे सनम-कदों के बुत हो…

बे परों की तितली

नज़्म: 'बे परों की तितली' - सर्वत ज़हरा ये झाड़न की मिट्टी से मैं गिर रही हूँ ये पंखे की घूं-घूं…

Close Menu
error: