शायरा

'शायरा' - वर्षा गोरछिया मेरे होने की वारदात को पेज थ्री की रंगीन सुर्खियों की तरह पढ़ा जाता है मेरी…

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क्या करूँ

'क्या करूँ' - यासमीन हमीद क्या करूँ मैं आसमां को अपनी मुट्ठी में पकड़ लूँ या समुन्दर पर चलूँ पेड़ के…

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दो ज़िंदगियाँ

नज़्म: 'दो ज़िंदगियाँ' - अज़रा अब्बास हम दो ज़िंदगियां जी रहे हैं एक वो जो तुम देख रहे हो हमें अच्छे…

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सिंड्रेला

'सिंड्रेला' - गौरी चुघ सुनो लड़की! इस बार कोयले की राख को पेशानी पर रगड़ लेना हालात की सौतेली बहनों…

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मेघदूत

'मेघदूत' - फ़हमीदा रियाज़ सनसनाहटों के साथ गड़गड़ाहटो के साथ आ गया पवन रथ पे बैठ कर मेरा मेघ देवता दोश…

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