नदी के दोनों पाट

'नदी के दोनों पाट' - भुवनेश्वर  नदी के दोनों पाट लहरते हैं आग की लपटों में दो दिवालिए सूदखोरों का सीना…

सबसे गरीब आदमी की

'सबसे गरीब आदमी की' - विनोद कुमार शुक्ल (कविता संग्रह 'सब कुछ होना बचा रहेगा' से) सबसे गरीब आदमी की…

काला सूरज

'काला सूरज' - अख़्तर राही कितने रौशन आफ़्ताबों को निगल कर काला सूरज रौशनी के शहर में दाख़िल हुआ सारी काली…

एक थी औरत

'एक थी औरत' - मीराजी ये जी चाहता है कि तुम एक नन्ही सी लड़की हो और हम तुम्हें गोद…

देवदास

'देवदास' - अंजुम आज़मी ज़िंदगी इश्क़ की वहशत-भरा अफ़्साना थी मेरे हाथों में वो इक ज़हर का पैमाना थी रूह…

रुचि

'रुचि' - वैरमुत्तु (कविता अंश; कविता संग्रह 'बिंदु सिन्धु की ओर' से) रुकिए ज़रा! बताइए तो- 'हाँ' या 'नहीं' हाड़…

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