प्रेम में इंसान अलंकृत हो जाता है

प्रेम में इंसान अलंकृत हो जाता है
अतिश्योक्ति अलंकार से!

उसका दिल कुछ भी करने
या हो जाने का होता है..
मसलन,
किसी को गर्दन से लेकर नाभि तक चीर देना
और उसके अंदर, उसके पिंजर में
छुप के बैठ जाने को किसी का जी कर सकता है

या फिर यूँ कि किसी के शरीर से
अपने नाभि की नाल जोड़ ले
और बच्चा बनके उसके अंदर बस जाए,
नाल कभी ना कटने तक!