कविता: कुछ विचार

'कविता: कुछ विचार' - बालमणि अम्मा (निबन्ध संग्रह 'सरस्वती की चेतना' से; अनुवादक: डॉ. आरसु) हर आदमी के मन में…

प्रेम का अत्याचार

निबन्ध: 'प्रेम का अत्याचार' - बंकिम चन्द्र चट्टोपाध्याय (अनुवाद: प्रयाग शुक्ल) लोगों की धारणा है कि केवल शत्रु अथवा स्नेह-दया-ममता…

हँसी-खुशी

निबन्ध: 'हँसी-खुशी' - बालमुकुंद गुप्त हँसी भीतर आनंद का बाहरी चिह्न है। जीवन की सबसे प्यारी और उत्तम से उत्तम…

पंच महाराज

'पंच महाराज' - बालकृष्ण भट्ट माथे पर तिलक, पाँव में बूट चपकन और पायजामा के एवज में कोट और पैंट…

आचरण की सभ्यता

'आचरण की सभ्यता' - सरदार पूर्ण सिंह विद्या, कला, कविता, साहित्‍य, धन और राजस्‍व से भी आचरण की सभ्‍यता अधिक…

जी

'जी' - बालकृष्ण भट्ट साधारण बातचीत में यह जी भी जी का जंजाल सा हो रहा है। अजी बात ही…

समय

'समय' - बद्रीनारायण चौधरी ‘प्रेमघन’ काव्यशासस्त्र विनोदेन कालो गच्छति धीमताम। व्यसनेन च मूर्खाणां निद्रया कलहेन वा॥ यह विख्यात है कि…

पेट

'पेट' - प्रतापनारायण मिश्र इन दो अक्षरों की महिमा भी यदि अपरंपार न कहिए तौ भी यह तो मानना ही…

भय

'भय' - रामचंद्र शुक्ल किसी आती हुई आपदा की भावना या दुःख के कारण के साक्षात्‍कार से जो एक प्रकार…

एक सलाह

'एक सलाह' - प्रतापनारायण मिश्र हमारे मान्‍यवर, मित्र, 'पीयूषप्रवाह' संपादक, साहित्‍याचार्य पंडित अंबिकादत्त व्‍यास महोदय पूछते हैं कि हिन्दी भाषा…

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