प्यारी डकार

'प्यारी डकार' - ख़्वाजा हसन निज़ामी कौंसिल की मेंबरी नहीं चाहता। क़ौम की लीडरी नहीं मांगता। अर्ल का ख़िताब दरकार…

मेरी जेब

व्यंग्य: 'मेरी जेब' - कामता प्रसाद सिंह‍ 'काम' जादू का खजाना, भानुमती की पिटारी, रहस्‍यों और भेदों को गुप्‍त रखने…

हमारा मुल्क

'हमारा मुल्क' - इब्ने इंशा ''ईरान में कौन रहता है?'' ''ईरान में ईरानी कौम रहती है।'' ''इंग्लिस्तान में कौन रहता…

आलस्य-भक्त

'आलस्य-भक्त' - बाबू गुलाब राय अजगर करै न चाकरी, पंछी करे न काम। दास मलूका कह गए, सबके दाता राम।।…

भोलाराम का जीव

'भोलाराम का जीव' - हरिशंकर परसाई ऐसा कभी नहीं हुआ था। धर्मराज लाखों वर्षो से असंख्य आदमियों को कर्म और सिफारिश…

एक था राजा

व्यंग्य: 'एक था राजा' - सुशील सिद्धार्थ यह एक सरल, निष्कपट, पारदर्शी और दयालु समय की कहानी है। एक दिन…

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