दिल बहलाव – ii

एक शख्‍स ने एक बड़े आदमी को उर्दू में दरखास्‍त लिखी- "खुदा हुजूर की उम्र दराज करे, हुजूर की नजर…

घाटे का सौदा

'घाटे का सौदा' - सआदत हसन मंटो दो दोस्तों ने मिलकर दस-बीस लड़कियों में से एक लड़की चुनी और बयालीस…

पेट की खातिर

'पेट की खातिर' - विजय 'गुंजन' उन दोनों के चेहरों पर उदासी थी। आपस में दोनों बहुत ही धीमी आवाज…

औरत और मर्द

'औरत और मर्द'  - खलील जिब्रान  (अनुवाद: बलराम अग्रवाल) एक बार मैंने एक औरत का चेहरा देखा। उसमें मुझे उसकी समस्त…

लड्डू और आत्मबोध

'लड्डू और आत्मबोध' - शोभिता श्रीवास्तव 'दिव्या' पूरा एक घंटा हुआ वो लड्डू का टुकड़ा जो मेरे में मुँह में…

दिल बहलाव

'दिल बहलाव' - बालकृष्ण भट्ट एक स्‍कूल मास्‍टर हाथ में बेंत लिए हुए लड़कों को पढ़ा रहे थे.. बेंत सीधा…

चंदे का डर

'चंदे का डर' - हरिशंकर परसाई  एक छोटी-सी समिति की बैठक बुलाने की योजना चल रही थी। एक सज्‍जन थे जो…

घुमक्कड़

'घुमक्कड़' - खलील जिब्रान वह मुझे चौराहे पर मिला। एक व्यक्ति जिसके पास केवल एक लबादा और एक छड़ी थी,…

गलती का सुधार

'गलती का सुधार' - सआदत हसन मंटो "कौन हो तुम?" "तुम कौन हो?" "हर-हर महादेव…हर-हर महादेव!" "हर-हर महादेव!" "सुबूत क्या…

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