Rabindranath Tagore

रवीन्द्रनाथ टैगोर के कुछ विचार

“तथ्य कई हैं, लेकिन सच एक ही है।”

 

“प्रत्येक शिशु यह संदेश लेकर आता है कि ईश्वर अभी मनुष्यों से निराश नहीं हुआ है।”

 

“सिर्फ खड़े होकर पानी को ताकते रहने से आप समुद्र को पार नहीं कर सकते।”

 

“हमेशा तर्क करने वाला दिमाग, धार वाला वह चाकू है जो प्रयोग करने वाले के हाथ से ही खून निकाल देता है।”

 

“फूल की पंखुड़ियों को तोड़ कर आप उसकी सुंदरता को प्राप्त नहीं करते।”

 

“जिस तरह घोंसला सोती हुई चिड़िया को आश्रय देता है, उसी तरह मौन तुम्हारी वाणी को आश्रय देता है।”

 

“मित्रता की गहराई, परिचय की लम्बाई पर निर्भर नहीं करती।”

 

“जो कुछ हमारा है वो हम तक तभी पहुँचता है जब हम उसे ग्रहण करने की क्षमता विकसित करते हैं।”

 

“हर एक कठिनाई जिससे आप मुँह मोड़ लेते हैं, एक दिन भूत बन कर आपकी नींद में बाधा डालेगी।”

 

“वे लोग जो अच्छाई करने में बहुत ज्यादा व्यस्त होते है, स्वयं अच्छा होने के लिए समय नहीं निकाल पाते।”

 

“यदि आप सभी गलतियों के लिए दरवाजे बंद कर देंगे तो सच बाहर रह जायेगा।”

 

“कट्टरता सच को उन हाथों में सुरक्षित रखने की कोशिश करती है जो उसे मारना चाहते हैं।”

 

“प्रेम अधिकार का दावा नहीं करता, बल्कि स्वतंत्रता प्रदान करता है।”

 

“संगीत दो आत्माओं के बीच के अन्तर को भरता है।”