saadat hasan manto

साम्यवाद

वह अपने घर का तमाम जरूरी सामान एक ट्रक में लादकर दूसरे शहर जा रहा था कि रास्ते में लोगों ने उसे रोक लिया।

एक ने ट्रक के माल-असबाब पर लालचभरी नजर डालते हुए कहा- “देखो यार, किस मजे से इतना माल अकेला उड़ाए चला जा रहा है!”

असबाब के मालिक ने मुस्कराकर कहा- “जनाब, यह माल मेरा अपना है।”

दो-तीन आदमी हँसे- “हम सब जानते हैं।”

एक आदमी चिल्लाया- “लूट लो… यह अमीर आदमी है… ट्रक लेकर चोरियाँ करता है…!”