साथ की बात

तुम अक्सर मेरे सपने सुनने
मेरे पास बैठी होती हो
सपने सच हैं
हमारा साथ बैठा होना झूठ

तुम्हारे झूठ मूठ के साथ बैठे होने से
मैं दुःखी नहीं हूँ
क्योंकि ‘कल्पना सच है
समूचा यथार्थ झूठ’

यथार्थ में साथ होना भ्रम है
कल्पना में साथ होना- प्रेम
मेरा सोना झूठ है
सपने में तुम्हारा होना- सच

साथ की बात यह है
कि तुम्हारा अक्सर मेरे पास आना
सपने का प्रेम है हमसे
‘अब हम एक हैं, एक सपना’