कविताएँ | Poetry

‘दरवाज़े गर ज़बान की चिटखनी खोल पाते तो बताते..’ – गौरी चुघ की नज्में

गौरी चुघ स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में एक दशक से ज़्यादा समय से सक्रिय हैं। उन्होंने शिक्षा जगत से जुड़े विभिन्न सरकारी, ग़ैर-सरकारी और निजी संस्थानों में अलग-अलग भूमिकाओं में काम किया है। 2008 में Read more…

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नयी किताबें | New Books

नयी किताब: तसनीफ़ हैदर कृत ‘मोहब्बत की नज़्में’

विवरण: मोहब्बत की नज़में एक शायर की ज़िन्दगी में आने वाली मोहब्बत की छोटी सी कहानी को बयान करती हैं। इन नज़्मों मे कहीं मुलाक़ातों की फुआर है, कहीं शामों की सौंधी ख़ुश्बू है। कभी दीदार Read more…

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कविताएँ | Poetry

गुलज़ार की ‘पाजी नज्में’

गुलज़ार साहब की नज़्मों की नयी किताब ‘पाजी नज़्में’ लगभग एक महीना पहले आयी है, उसी किताब से पाँच खूबसूरत नज्में यहाँ प्रस्तुत हैं। पढ़ते समय यह कल्पना कि इन नज़्मों का पाठ गुलज़ार साहब Read more…

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