एक थी औरत

'एक थी औरत' - मीराजी ये जी चाहता है कि तुम एक नन्ही सी लड़की हो और हम तुम्हें गोद…

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देवदास

'देवदास' - अंजुम आज़मी ज़िंदगी इश्क़ की वहशत-भरा अफ़्साना थी मेरे हाथों में वो इक ज़हर का पैमाना थी रूह…

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क्या करूँ

'क्या करूँ' - यासमीन हमीद क्या करूँ मैं आसमां को अपनी मुट्ठी में पकड़ लूँ या समुन्दर पर चलूँ पेड़ के…

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दो ज़िंदगियाँ

नज़्म: 'दो ज़िंदगियाँ' - अज़रा अब्बास हम दो ज़िंदगियां जी रहे हैं एक वो जो तुम देख रहे हो हमें अच्छे…

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