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Smiling Man, Gamchha, Village, Labour

जिसके संग बाज़ार हो लिया

'Jiske Sang Bazar Ho Liya' a poem by Shiva जिसके संग बाज़ार हो लिया उसका बेड़ा पार हो लिया नौ सौ चूहे खाकर बिल्ला हज को फिर तैयार हो...
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