Tag: Anubhav Tulasi

Anubhav Tulasi

चिरश्री

अभी तो हुई थी हमारी मुलाक़ात पिछली रात विजय इंटरनेशनल के भीतरी प्रांगण में कोणार्क से कानों-कान आयी छोटी-सी ख़बर फैली जंगल की आग-सी छू गयी जलस्त्रोत चन्द्रभागा के मुझे बुलवाया था तुमने अनजाने...
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