Tag: Beggar

Shashi Bhushan Dwivedi

खेल

"अजमेर शरीफ़ के नाम पर दे दे बाबा... अल्लाह तुझको बरकत देगा...।" दुमंज़िले फ़्लैट के नीचे से यह आवाज़ बार-बार मेरे कानों में गूँज...
Suryakant Tripathi Nirala

भिक्षुक

वह आता दो टूक कलेजे को करता, पछताता पथ पर आता। पेट पीठ दोनों मिलकर हैं एक, चल रहा लकुटिया टेक, मुट्ठी भर दाने को — भूख मिटाने को मुँह...
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