Tag: पिता
शिवम तोमर की कविताएँ: मार्च 2022
कुछ संगीतों के लिए वर्तमान वैक्यूम होता है
एक तरह का संगीत था
मैंने सुना था फ़िल्मों में
ख़ास क्षणों में बजता था
जब भी बजता
सब धीमा-सा हो...
रुग्ण पिताजी, शव पिताजी, ख़त्म पिताजी, स्मृति-पिता
रुग्ण पिताजी
रात नहीं कटती? लम्बी, यह बेहद लम्बी लगती है?
इसी रात में दस-दस बारी मरना है, जीना है
इसी रात में खोना-पाना-सोना-सीना है
ज़ख़्म इसी में...
डेविड बॉटम्स की कविता ‘पिता का बायाँ हाथ’
कविता: पिता का बायाँ हाथ (My Father's Left Hand)
कवि: डेविड बॉटम्स (David Bottoms)
अनुवाद: आदर्श भूषण
कभी-कभी पिता का हाथ उनके घुटनों पर फिरता है
अजीब गोलाइयों...
शैरन ओल्ड्स की कविता ‘उनकी चुप्पी’
शैरन ओल्ड्स (Sharon Olds) अमेरिकी कवयित्री हैं और न्यू यॉर्क यूनिवर्सिटी में क्रिएटिव राइटिंग पढ़ाती हैं। उन्हें कविता में पुलत्ज़र पुरस्कार प्राप्त है। यहाँ...
दिवंगत पिता के प्रति
1
सूरज के साथ-साथ
सन्ध्या के मंत्र डूब जाते थे,
घण्टी बजती थी अनाथ आश्रम में
भूखे भटकते बच्चों के लौट आने की,
दूर-दूर तक फैले खेतों पर,
धुएँ में...
पिता की मृत्यु
किसी अधलिखी चिट्ठी की तरह चले गए पिता
सब कुछ बाक़ी रह गया धरा का धरा
अब वह कभी पूरा नहीं हो पाएगा
वो स्याही सूख रही है...
पिताजी का समय
अपने घर में मैं परम स्वतंत्र था। जैसे चाहे रहता, जो चाहे करता। मर्ज़ी आती जहाँ जूते फेंक देता, मन करता जहाँ कपड़े। जगह-जगह...
सिल्विया प्लाथ की कविता ‘डैडी’
अब और नहीं
आप नहीं कर सकते, नहीं कर सकते आप
अपने जूते में मुझे पैरों की तरह रखकर
मुझ बेचारी अभागिन को
तीस सालों से
साँस लेने और छींकने...
फहीम अहमद की कविताएँ
मेरी हथेलियों में सारे रस्ते
वो मुस्कान लाने वाली एक पंक्ति कसमसाती रही
1
बाप के
झुके हुए काँधे
अंदर धँसते जा रहे गाल
माथे की फड़फड़ाती हुई नसों को देखकर
मैं...
इच्छा-पूर्ण
अनुवाद: रत्ना रॉय
सुबलचन्द्र के बेटे का नाम सुशीलचन्द्र था। लेकिन हमेशा नाम के अनुरूप व्यक्ति भी हो ऐसा क़तई ज़रूरी नहींं। तभी तो सुबलचन्द्र...
कविताएँ: जुलाई 2020 (द्वितीय)
पिता
इस साल जनवरी में
नहीं रहे मेरे पिता के पिता
उनके जाने के बाद
इन दिनों
पिता के चेहरे को देखकर
समझ रहा हूँ पिता के जाने का दुःख
दुःख,...
पीठ पर पहाड़
पीठ पर पहाड़ ढोते आदमी की उपमा पढ़कर
छुटपन से ही
मुझे हमेशा याद आयी
पिता की तनी हुई रीढ़
पिता की पीठ पर
ज्येष्ठ पुत्र होने के सम्मान...











