कविताएँ | Poetry

कविता: ‘ओ अपाहिज आस्थाओं’ – हरीश भादानी

‘ओ अपाहिज आस्थाओं’ – हरीश भादानी ओ अपाहिज आस्थाओ! घुटन-कुण्ठा-अहम् भुभुक्षा की चौकोर शैयां पर लेटी रहो- चीखो नहीं, यह नहीं होगा कि- मैं तुम पर दया करने तुम्हारे पायताने लौट आऊँ, जीव हत्या के Read more…

By Posham Pa, ago

Copyright © 2018 पोषम पा — All rights reserved.




Subscribe to Blog via Email

Enter your email address to subscribe to this blog and receive notifications of new posts by email.


error: