Tag: Kitchen

Anamika

चौका

मैं रोटी बेलती हूँ जैसे पृथ्वी। ज्वालामुखी बेलते हैं पहाड़। भूचाल बेलते हैं घर। सन्नाटे शब्द बेलते हैं, भाटे समुंदर। रोज़ सुबह सूरज में एक नया उचकुन लगाकर, एक नयी धाह...
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