Tag: Selflessness

Man, Woman, Butterfly, Abstract, Merge

मुझे स्वयं को भरना नहीं आता

'Mujhe Swayam Ko Bharna Nahi Aata', a poem by Chandra Phulaar मैंने जहाँ भी ख़ालीपन देखा उसे भरना चाहा मैंने आकाश का सूनापन देख- अपने आँचल का सितारा...
कॉपी नहीं, शेयर करें! ;)