कहानी | Story

कहानी: ‘टिटवाल का कुत्ता’ – सआदत हसन मंटो

‘टिटवाल का कुत्ता’ – सआदत हसन मंटो कई दिनों से दोनों तरफ से सिपाही अपने-अपने मोर्चे पर जमे हुए थे। दिन में इधर और उधर से दस-बारह गोलियाँ चल जातीं, जिनकी आवाज़ के साथ कोई Read more…

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कहानी: ‘सरदार जी’ – ख्वाजा अहमद अब्बास

कहानी: ‘सरदार जी’ – ख्वाजा अहमद अब्बास (अनुवाद: शम्भु यादव) लोग समझते हैं सरदार जी मर गये। नहीं यह मेरी मौत थी। पुराने मैं की मौत। मेरे तअस्सुब (धर्मान्धता) की मौत। घृणा की मौत जो Read more…

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कहानी: ‘फ़ोटोग्राफ़र’ – कुर्रतुल एन हैदर

‘फ़ोटोग्राफ़र’ – कुर्रतुल एन हैदर मौसमे-बहार के फलों से घिरा बेहद नज़रफ़रेब गेस्टहाउस हरे-भरे टीले की चोटी पर दूर से नज़र आ जाता है। टीले के ऐन नीचे पहाड़ी झील है। एक बल खाती सड़क Read more…

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कहानी: ‘बू’ – सआदत हसन मंटो

‘बू’ – सआदत हसन मंटो बरसात के यही दिन थे। खिड़की के बाहर पीपल के पत्ते इसी तरह नहा रहे थे सागवन के स्प्रिन्गदार पलंग पर, जो अब खिड़की के पास थोड़ा इधर सरका दिया Read more…

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कहानी: ‘ठण्डा गोश्त’ – सआदत हसन मंटो

‘ठण्डा गोश्त’ – सआदत हसन मंटो ईशरसिंह ज्यों ही होटल के कमरे में दाखिल हुआ, कुलवन्त कौर पलंग पर से उठी। अपनी तेज-तेज आँखों से उसकी तरफ घूरकर देखा और दरवाजे की चिटखनी बन्द कर Read more…

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कहानी: ‘लिहाफ’ – इस्मत चुग़ताई

‘लिहाफ’ – इस्मत चुग़ताई जब मैं जाड़ों में लिहाफ ओढ़ती हूँ तो पास की दीवार पर उसकी परछाई हाथी की तरह झूमती हुई मालूम होती है। और एकदम से मेरा दिमाग बीती हुई दुनिया के Read more…

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