Tag: Vaktavya

Bhawani Prasad Mishra

‘दूसरा सप्तक’ से भवानी प्रसाद मिश्र का वक्तव्य

'गीतफ़रोश' के नाम से प्रसिद्ध भवानी प्रसाद मिश्र जब अज्ञेय के 'दूसरा सप्तक' में प्रकाशित हुए तो उन्हें उसके लिए एक वक्तव्य देना था, अपने और अपनी कविताओं के बारे में। एक और सवाल शायद उनसे पूछा गया होगा कि वो किन दूसरे कवियों से प्रभावित रहे हैं। इस सवाल के जवाब में उन्होंने इस वक्तव्य में प्रसाद, निराला या पन्त का नाम न लेकर रवीन्द्रनाथ ठाकुर का नाम लिया। आज पढ़िए उनका यह वक्तव्य जिसे लिखना तक शायद उन्हें पसंद नहीं आया था।
कॉपी नहीं, शेयर करें! ;)