Tag: Wole Soyinka poem in Hindi
जुलियस न्येरेरे के प्रति
पृथ्वी के लिये पसीना
राजस्व नहीं
सत्व है
मिट्टी के श्रम से
यह संपन्न पृथ्वी
माँगती नहीं कोई दान
सत्व है पसीना
पृथ्वी के लिये
बेगार में अर्पित
कोई सौगात नहीं है
किले में...
