मैदानों में

कविता: 'मैदानों में' - हरमन हेस अनुवाद: पुनीत कुसुम आकाश में, बादल चलते हैं खेतों में, हवा मैदानों में, मेरी…

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चतुर कुत्ता

'चतुर कुत्ता' - खलील जिब्रान (अनुवाद: बलराम अग्रवाल) एक चतुर कुत्ता एक दिन बिल्लियों के एक झुण्ड के पास से…

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‘बकरसुरी’: लुइस कैरल की कविता ‘जैबरवॉकी’, हिन्दी में!

कविता: 'बकरसुरी' (अनुवाद: अर्जिता मितल व शैलेन्द्र पालीवाल) 'जैबरवॉकी' लुइस कैरल द्वारा लिखी गयी एक 'नॉनसेंस' अंग्रेजी कविता है, जिसमें 'जैबरवॉक'…

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कविता

'कविता' - खलील जिब्रान अनुवाद: बलराम अग्रवाल एक कवि से मैंने एक बार कहा, "तुम्हारी मौत से पहले हम तुम्हारे…

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स्वयं हेतु

'स्वयं हेतु' - रिया जैन (अनुवाद: पुनीत कुसुम) रिया अंग्रेज़ी कविताएँ लिखती हैं और अपनी उम्र की भावनाएँ और असमंजस…

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