तुम्हारे दिल का पता

पर्वत के पीछे,
कच्ची सड़क का सफ़र तय करके,
कुछ घने जंगल पार करके,
पत्थरों पे कुछ थोड़ा रास्ता चल कर
नदिया के पार…
यादों के साहिल पर
चाँद की कोरी छाँव में
जहाँ शाम को दिन उतरता है
मुझे पता है… वही है
तुम्हारे दिल का रास्ता

मैं किसी से नहीं कहूँगा!