Tadeusz Rozewicz

गवाह

अनुवाद: पुनीत कुसुम

मेरे दोस्त, तुम जानते हो मैं अन्दर हूँ
लेकिन यूँ अचानक मत घुस आओ
मेरे कमरे में

सम्भव है तुम मुझे
बैठा देखो चुपचाप
एक खाली काग़ज़ के सामने

क्या तुम लिख सकते हो
प्यार के बारे में
जब तुम सुन रहे हों चीख-पुकारें
उनकी जिनकी हत्या कर दी गयी, जिन्हें बेआबरू किया गया
क्या तुम लिख सकते हो
मृत्यु के बारे में
देखते हुए छोटे-छोटे चेहरे
बच्चों के

अचानक मत घुस आओ
मेरे कमरे में

तुम्हें दिखेगा
एक बेज़बान और लाचार
गवाह, मृत्यु से पराजित हो चुके
प्यार का!