Posham Pa

सहज हिन्दी,नहीं महज़ हिन्दी..

हिन्दी व अन्य भारतीय भाषाओं की नयी व पुरानी उत्कृष्ट साहित्य रचनाओं का एक संकलन और साथ ही, नयी प्रतिभाओं के लिए अपनी रचनाएँ प्रस्तुत करने का एक माध्यम..

भाषाओं को
भावनाओं को
आपस में खेलना पोषम-पा चाहिए
खेलती हैं चिड़िया-उड़..।

पोषम पा हिन्दी एवं अन्य भारतीय भाषाओं के महान साहित्यकारों और नए लेखकों के कार्यों को एक साथ पाठकों के सामने प्रस्तुत करने का एक प्रयास है। पोषम पा की टीम जहाँ एक तरफ अपनी साहित्य परंपरा के कुछ मोती चुनकर पाठकों के सामने प्रस्तुत करती है, वहीं नए लेखक पोषम पा पर अपनी रचनाएँ स्वयं प्रकाशित कर सकते हैं और पाठकों के एक बड़े वर्ग से जुड़ सकते हैं। हिन्दी साहित्य के पाठक भी विभिन्न श्रेणियों (कविता, कहानी, निबन्ध, व्यंग्य, संस्मरण, समीक्षा, पत्र इत्यादि) की उत्कृष्ट रचनाएँ बड़ी आसानी से पोषम पा पर पढ़ सकते हैं। ‘नयी किताबें’ सेक्शन में बाज़ार में आयी हिन्दी की नयी किताबों की जानकारी भी उपलब्ध है, जिसमें हमारी टीम निरंतर विभिन्न प्रकाशकों द्वारा प्रकाशित नयी किताबों की जानकारी जोड़ती रहती है।

पोषम पा की कार्य प्रणाली एक पंक्ति ‘सहज हिन्दी, नहीं महज़ हिन्दी..’ से समझी जा सकती है। हमारी कोशिश है कि भारत के मूर्धन्य साहित्यकारों की रचनाओं को एक आकर्षक और आसान तरीके से पाठकों के सामने रखा जाए और साथ ही उन समकालीन नए लेखकों का उत्साह भी बढ़ाया जिनका हिन्दी सफ़र अभी शुरू ही हुआ है।

पाठकों के लिए:

अगर आप पाठक हैं तो आपको इस वेबसाइट पर अकाउंट बनाने की आवश्यकता नहीं है। पोषम पा पर प्रकाशित सभी रचनाएँ सार्वजनिक (पब्लिक) हैं और बिना अकाउंट बनाए भी पढ़ी जा सकती हैं।

लेखकों के लिए:

अगर आप एक लेखक हैं और अपनी रचना पोषम पा पर प्रकाशित करना चाहते हैं तो आप पोषम पा पर रजिस्टर एवं लॉग-इन करके अपनी रचनाएँ submit कर सकते हैं।

नोट: जिन लेखकों की रचनाएँ पोषम पा पर पोषम पा के एडमिन द्वारा पोस्ट की गयी हैं, उन्हें नया अकाउंट बनाने की आवश्यकता नहीं है, वे अपना ईमेल एड्रेस [email protected] पर भेजकर अपनी अकाउंट डिटेल्स पा सकते हैं। जिससे कि उनकी प्रकाशित रचनाएँ उन्हीं के अकाउंट में देखी जा सकें! 

Review:

लेखकों द्वारा submit की गयी रचनाओं में उपयुक्त/सार्थक रचनाएँ ही पोषम पा के पाठकों तक पहुँचे, इसे ध्यान में रखते हुए, लेखकों द्वारा सबमिट की गयी रचनाएँ पोषम पा टीम के रिव्यु के बाद ही वेबसाइट पर देखी जा सकेंगी। यह रिव्यु रचनाओं को स्तर में बांटने या उनका साहित्यिक स्तर निर्धारित करने के उद्देश्य से न होकर, केवल इस कारण किया जाता है जिससे साहित्य की दृष्टि से केवल उपयुक्त कंटेंट पाठकों तक पहुंचे तथा अर्थहीन कंटेंट (जोक्स, फॉरवर्ड्स, अमर्यादित कंटेंट इत्यादि) में पाठकों की समय हानि न हो।

Editors’ Picks:

पाठकों को आसानी से अच्छा साहित्य पढ़ने के लिए उपलब्ध हो, यह ध्यान में रखते हुए पोषम पा की सम्पादकीय टीम ने एक Editors’ Picks सेक्शन बनाया हुआ है, जिसमें पोषम पा की टीम के द्वारा कुछ बेहतरीन रचनाएँ प्रतिदिन जोड़ी जाती हैं। लेखकों द्वारा प्रतिदिन submit की गयी रचनाओं में से केवल कुछ उत्कृष्ट रचनाएँ ही Editors’ Picks में जोड़ी जाएँगी।

कुछ नियम:

  • वर्तनी और व्याकरण की बहुत ज़्यादा ग़लतियाँ होने पर रचना प्रकाशित नहीं की जाएगी और न ही उसका रिव्यु किया जाएगा।
  • केवल एक शेर या दो पंक्तियाँ पोस्ट न करें। आपकी कविताएँ अगर छोटी हैं तो कृपया कुछ कविताएँ एक साथ पोस्ट करें।
  • लेखकों द्वारा submit की गयी कविताओं के पोषम पा पर प्रकाशन का एवं प्रकाशित रचनाओं के Editors’ Picks में जोड़े जाने का अधिकार पोषम पा की सम्पादकीय टीम के पास है और टीम इसके लिए किसी भी तरह से किसी को भी जवाबदेह नहीं है।
  • प्रकाशित रचनाएँ सामान्य परिस्थितियों में पाँच से सात दिन के भीतर आपकी प्रोफाइल (My Posts) में देखी जा सकेंगी। जो रचनाएँ पोषम पा पर प्रकाशित नहीं होंगी, उनके लिए किसी भी तरह का पत्र-व्यवहार, सूचना अथवा समीक्षात्मक टिप्पणी की आशा न रखें।
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