तारे क़तार में भागे
चाँद देर सुबह तक
चाँदनी की पगडंडी पर
हाँकता रहा उन्हें
धरती के दूसरे छोर तक..
सूरज की बारी है
उजली किरणों के झुंड ने
झाँक लिया है
अपने हिस्से का
नीला आसमान..
क्षितिज के एकांत में
श्वेत चाँदनी ने
सुनहरे उजाले को
सुना दी है अंधेरों की
अंधेरगर्दी..

सूरज खोजेगा
उजाला ओढ़े अंधेरों को,
तलाशेगा उनके भीतर मौजूद
उजालों की गुंजाइश
अपने ढलने से पहले..

〽️

© मनोज मीक

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मनोज मीक
〽️ मनोज मीक भोपाल के मशहूर शहरी विकास शोधकर्ता, लेखक, कवि व कॉलमनिस्ट हैं.

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