अमृता प्रीतम – रसीदी टिकट के बहाने

'Raseedi Ticket Ke Bahane' by Nidhi Agarwal अमृता प्रीतम... अपने नाम में निहित प्रीत की तरह ही उन्हें प्रेम का पर्याय कहा जा सकता है।...

तुम्हारी अमृता

अमृता जी अब नहीं है देखा जाए तो कहीं नहीं हैं, अमृता होना या उनका नहीं होना आसान है क्या। पर इस फेरे में...

कला में सम्वाद

एक कलाकार कला को शुरू से कभी नहीं चुनता है, कला उसे चुनती है। यह बात तब तक सच रहती है, जब तक वो...

देश-ज्ञान

आज जिस प्रकार के घुमक्कड़ों की दुनिया को आवश्‍यकता है, उन्‍हें अपनी यात्रा केवल 'स्वांत: सुखाय' नहीं करनी है। उन्‍हें हरेक चीज इस दृष्टि...

प्रेम

"स्‍त्री-पुरुष का एक-दूसरे के प्रति आकर्षण और उसका परिणाम मानव की सनातन समस्‍या है।" "वस्‍तुत: हमारा झगड़ा प्रेम से नहीं है, प्रेम रहे, किंतु पंख भी साथ में रहें।" "घुमक्कड़ का अंतिम जीवन पेंशन लेने का नहीं है। समय के साथ-साथ आदमी का ज्ञान और अनुभव बढ़ता जाता है, और उसको अपने ज्ञान और अनुभव से दुनिया को लाभ पहुँचाना है, तभी वह अपनी जिम्‍मेदारी और हृदय के भार को हल्‍का कर सकता है।"

धर्म और घुमक्कड़ी

"घुमक्कड़ जब तक कोई विशेष प्रयोजन न हो, किसी का जन्‍मस्‍थान नहीं पूछते और जात-पाँत पूछना तो घटिया श्रेणी के घुमक्कड़ों में ही देखा जाता है।"

एक तरफा प्रेम

एकतरफा प्रेम उस पौधे की तरह है जिसे पोषित करके स्वयं ही उसकी हत्या करनी पड़ जाए या स्वयं की। प्रेम की हत्या क्या सम्भव है? वास्तव...

माँ होना ज़रूरी नहीं

"हज़ारों साल से हमने एक मनोवैज्ञानिक बीमारी का ग़िलाफ़ ओढ़ रखा है और वो बीमारी ये है कि जब कभी हमारी क़रीबी औरतों को जिन्होंने हमें जन्म दिया है, उनकी जिस्मानी ज़रूरतों का ज़िक्र होगा तो हमारे मुँह लाल हो जाया करेंगे, कनपटियां सुर्ख़ और माथे पसीनों से तर होंगे।"

स्‍त्री घुमक्कड़

"जहाँ स्त्रियों को अधिक दासता की बेड़ी में जकड़ा नहीं गया, वहाँ की स्त्रियाँ साहस-यात्राओं से बाज नहीं आतीं।" "नारी भी आज के समाज के उसी तरह रोम-रोम में परतंत्रता की उन सूइयों से बिंधी है, जिन्‍हें पुरुषों के हाथों ने गाड़ा है। किसी को आशा नहीं रखनी चाहिए कि पुरुष उन सूइयों को निकाल देगा।" "नारी का ब्‍याह, अगर उसके ऊपरी आवरण को हटा दिया जाय तो इसके सिवा कुछ नहीं है कि नारी ने अपनी रोटी-कपड़े और वस्‍त्राभूषण के लिए अपना शरीर सारे जीवन के निमित्त किसी पुरुष को बेच दिया है।" "यह अच्छा तर्क है, स्‍त्री को पहले हाथ-पैर बाँधकर पटक दो और फिर उसके बाद कहो कि इतिहास में तो साहसी यात्रिणियों का कहीं नाम नहीं आता। यदि इतिहास में अभी तक साहस यात्रिणियों का उल्‍लेख नहीं आता, यदि पिछला इतिहास उनके पक्ष में नहीं है, तो आज की तरुणी अपना नया इतिहास बनायगी, अपने लिए नया रास्‍ता निकालेगी।"

घुमक्कड़ जातियों में

दुनिया के सभी देशों और जातियों में जिस तरह घूमा जा सकता है, उसी तरह वन्‍य और घुमक्कड़ जातियों में नहीं घूमा जा सकता,...

पिछड़ी जातियों में

"वह प्रेम कैसा जो आदमी की विवेक-बुद्धि पर परदा डाल दे, सारी प्रतिभा को बेकार कर दे?" "बाहरवालों के लिए चाहे वह कष्‍ट, भय और रूखेपन का जीवन मालूम होता हो, लेकिन घुमक्कड़ी जीवन घुमक्कड़ के लिए मिसरी का लड्डू है, जिसे जहाँ से खाया जाय वहीं से मीठा लगता है।"

है ना?

एक इंजीनियर होकर लेखक / कवि होना होना कठिन है। आप साहित्य नहीं जानते (क्योंकि, निश्चित रूप से आपने इंजीनियरिंग को चुना था), आप...

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