पिता की पुत्री परी है बिटिया
रत्नों से अनमोल है बिटिया

भाई की कलाई है बिटिया
पिता की पूंजी है बिटिया

घर में सबसे पाजी बिटिया
दादी की भी आजी बिटिया

दो घर की ज्योति है बिटिया
शिखर की चोटी है बिटिया

पश्चिम से विपरीत है बिटिया
सबके हृदय की प्रीत है बिटिया

मां-बाप का दर्पण है बिटिया
बालक से बढ़कर है बिटिया

सब कहते तुझको अबला बिटिया
सच क्या है इनको बतला दो बिटिया

सूरज बनकर आयी बिटिया
अरुण साथ में लायी बिटिया

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पुनीत तिवारी
बी.ए (आनर्स - दर्शनशास्र) बनारस हिंदू विश्वविद्यालय

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