ईश्वर नहीं नींद चाहिए (कविता संग्रह)

अबकी मुझे चादर बनानासद्दाम हुसैन हमारी आखिरी उम्मीद थाईश्वर नहीं नींद चाहिएक्या सोचती होगी धरतीलिखने से क्या होगा   Link to buy:

आधे-अधूरे

"वही महेन्द्र जो दोस्तों के बीच दब्बू-सा बना हलके-हलके मुस्कराता है, घर आ कर एक दारिंदा बन जाता है। पता नहीं, कब किसे नोच लेगा, कब किसे फाड़ खाएगा!"

सत्य के प्रयोग अथवा आत्मकथा

प्रस्तावनापहला भाग:जन्मबचपनबाल-विवाहपतित्वहाईस्कूल मेंदुःखद प्रसंग - 1

समय की नदी पर पुल नहीं होता (कविता संग्रह)

रोटीप्रेम और भूखपशुआजकल प्रेमजहाँ दो प्रेमी रहते होंतुम और मैंएक दिनअनुत्तरितपत्थर और पानीव्याकरण 

नेरूदा के सवालों से बातें

अनुवाद: पुनीत कुसुमनेरूदा के सवालों से बातें - IIIनेरूदा के सवालों से बातें - IV

बैताल पचीसी की कहानियाँ

बैताल पचीसी की कहानियाँ हमारे बचपन के संसार का एक अभिन्न अंग रही हैं.. वीर, सभ्य राजा विक्रमादित्य और चतुर, शैतान बैताल! बैताल कहानी सुनाता और विक्रम से चुप न रहा जाता। अगर स्मृति में यह धुँधला गया हो कि बैताल विक्रम को कैसे मिला था तो बैताल पचीसी की कहानियों का प्रारम्भ यहाँ पढ़िए.. :)

बिखरे मोती (कहानी संग्रह)

भूमिका/विनीत निवेदनभग्नावशेषहोलीपापी पेटमझली रानीपरिवर्तनदृष्टिकोणकदम्ब के फूलकिस्मतमछुए की बेटीएकादशीआहुतिथातीअमराईअनुरोधग्रामीण

शिवशम्भु के चिट्ठे

बनाम लार्ड कर्जन श्रीमान् का स्वागत् वैसराय का कर्तव्य पीछे मत फेंकिये आशा का अन्त एक दुराशा विदाई सम्भाषण बंग विच्छेद लार्ड मिन्टो का स्वागत मार्ली साहब के नाम आशीर्वाद शाइस्ताखां का खत - 1 शाइस्ताखां...

पिता के पत्र पुत्री के नाम

पिता के पत्र पुत्री के नाम | Jawaharlal Nehru Letter to his daughter Indira Gandhi  संसार पुस्तक है शुरू का इतिहास कैसे लिखा गया जमीन कैसे बनी जानदार...

सवालों की किताब

अनुवाद: पुनीत कुसुमसवालों की किताब - Iसवालों की किताब - IIसवालों की किताब - IIIसवालों की किताब - IV

घुमक्कड़ शास्त्र

राहुल सांकृत्यायन की किताब 'घुमक्कड़ शास्त्र' | Ghumakkad Shastra, a book by Rahul Sankrityayanप्राक्कथन 'धुमक्कड़ शास्त्र' के लिखने की आवश्यकता मैं बहुत दिनों से अनुभव...

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Fair, Horse Ride, Toy

मेला

1 हर बार उस बड़ी चरखी पर जाता हूँ जो पेट में छुपी हुई मुस्कान चेहरे तक लाती है कई लोग साल-भर में इतना नहीं हँसते जितना खिलखिला लेते हैं...
Man holding train handle

आधुनिकता

मैं इक्कीसवीं सदी की आधुनिक सभ्यता का आदमी हूँ जो बर्बरता और जंगल पीछे छोड़ आया हैमैं सभ्य समाज में बेचता हूँ अपना सस्ता श्रम और दो वक़्त की...
Justyna Bargielska

यूस्टीना बारगिल्स्का की कविताएँ

1977 में जन्मीं, पोलिश कवयित्री व उपन्यासकार यूस्टीना बारगिल्स्का (Justyna Bargielska) के अब तक सात कविता संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं और उन्हें दो...
Saadat Hasan Manto

ख़ुशिया

ख़ुशिया सोच रहा था।बनवारी से काले तम्बाकूवाला पान लेकर वह उसकी दुकान के साथ लगे उस संगीन चबूतरे पर बैठा था जो दिन के...
Naresh Mehta

घर की ओर

वह— जिसकी पीठ हमारी ओर है अपने घर की ओर मुँह किये जा रहा है जाने दो उसे अपने घर।हमारी ओर उसकी पीठ— ठीक ही तो है मुँह यदि होता तो...
Upma Richa

या देवी

1सृष्टि की अतल आँखों में फिर उतरा है शक्ति का अनंत राग धूम्र गंध के आवक स्वप्न रचती फिर लौट आयी है देवी रंग और ध्वनि का निरंजन...
Chen Kun Lun

चेन कुन लुन की कविताएँ

चेन कुन लुन का जन्म दक्षिणी ताइवान के काओशोंग शहर में सन 1952 में हुआ। वह एक सुधी सम्पादक रहे हैं। चेन लिटरेरी ताइवान...
Bharat Ke Pradhanmantri - Rasheed Kidwai

किताब अंश: भारत के प्रधानमंत्री

सुपरिचित पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक रशीद किदवई की किताब 'भारत के प्रधानमंत्री : देश, दशा, दिशा' भारत के पहले प्रधानमंत्री से लेकर वर्तमान प्रधानमंत्री...
Muktibodh - Premchand

मेरी माँ ने मुझे प्रेमचन्द का भक्त बनाया

एक छाया-चित्र है। प्रेमचन्द और प्रसाद दोनों खड़े हैं। प्रसाद गम्भीर सस्मित। प्रेमचन्द के होंठों पर अस्फुट हास्य। विभिन्न विचित्र प्रकृति के दो धुरन्धर...
Manish Kumar Yadav

लगभग विशेषण हो चुका शासक

किसी अटपटी भाषा में दिए जा रहे हैं हत्याओं के लिए तर्क'एक अहिंसा है जिसका सिक्का लिए गांधीजी हर शहर में खड़े हैं लेकिन जब भी सिक्का उछालते...
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